A digital magazine on sexuality in the Global South

Issue In Focus

Issue In Focus: What, Exactly, Is the Child Innocent Of?

Issue in Focus: Naturalising the Normative

Societal norms that are contested, especially around body and sexuality, are often passed as the ‘natural order’ of things. The objective study of ‘nature’ that science claims to do induces society to seek scientific explanations to verify naturalness. It has been shown in many cases that the questions that scientists ask, and the methods they use, are coloured by norms of society. Yet, the ‘scientific answers’ thus got help determine what is natural. In the process, the normative gets naturalised.

क्या ‘धंधा’ (सेक्स वर्क) भी काम होता है? – भाग १

किसी व्यस्क व्यक्ति द्वारा अपनी इच्छा से पैसों के भुगतान के बदले दी जाने वाली यौन सेवाओं को सेक्स वर्क (यौन कर्म या आम बोलचाल की भाषा में धंधा करना) कहते हैं। सेक्स वर्क की इस परिभाषा का कौन सा भाग ‘काम’ के बारे में हमारी सोच का उल्लंघन करता है? क्या पैसे के बदले दी जाने वाली सेवाएं? या फिर किसी व्यस्क व्यक्ति द्वारा पैसे के बदले दी जाने वाली सेवा? या, वयस्कों द्वारा आपसी सहमति से पैसे के बदले दी जाने वाली सेवा?